Sadhana Shahi

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लेखनी कहानी -24-Mar-2024

होलाष्टक के दिनों में किस बात की रखनी चाहिए सावधानी?


यदि हम ज्योतिष विज्ञान और मुहूर्त विज्ञान की मानें तो होलाष्टक एक दोष है अतः इन 8 दिनों में कोई भी मंगलकारी कार्य नहीं करना चाहिए। यदि हम इन दिनों कोई भी शुभ कार्य करते हैं तो हमें पीड़ा तथा असफलता की प्राप्ति होती है।

होलाष्टक के दिनों में कौन से कार्य करने हैं निषेध


1- होलाष्टक के दिनों में (1)गर्भाधान संस्कार, (2)पुंसवन संस्कार, (3)सीमन्तोन्नयन संस्कार, (4)जातकर्म संस्कार, (5)नामकरण संस्कार, (6)निष्क्रमण संस्कार, (7)अन्नप्राशन संस्कार, (8)मुंडन संस्कार, (9)कर्णवेधन संस्कार, (10)विद्यारंभ संस्कार, (11)उपनयन संस्कार, (12)वेदारंभ संस्कार, (13)केशांत संस्कार, (14)सम्वर्तन /समावर्तन संस्कार, (15)विवाह संस्कार और (16)अन्त्येष्टि संस्कार

दिए गए 16 संस्कारों में से अंत्येष्टि संस्कार को छोड़कर और कोई भी संस्कार नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये सारे संस्कार मंगलकारी होते हैं।

2- इन दिनों मकान का निर्माण कार्य तथा गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए।

3- इन दिनों नए मकान, वाहन, प्लॉट या दूसरे प्रॉपर्टी की खरीदारी से बचना चाहिए।

3- होलाष्टक के दिनों में किसी भी शुभ कार्य की प्राप्ति होने के फलस्वरूप यज्ञ, पूजन ,हवन आदि नहीं करना चाहिए, इसे होली के पश्चात करना चाहिए।

4- यदि ज्योतिष की मानें तो होलाष्टक के दिनों में हमें नौकरी को परिवर्तित करने से भी बचना चाहिए। यदि आपको कहीं नौकरी ज्वाइन करना है तो संभव हो तो इसे होलाष्टक के पूर्व या पश्चात ज्वाइन करें। यदि ज्वाइन करना परमावश्यक हो तो किसी जानकार ज्योतिषाचार्य की सलाह लेकर ही ज्वाइन करें।

5- इन दिनों कोई नया व्यापार कदापि प्रारंभ न करें, चूंकि इन दिनों ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं अतः ग्रहों की उग्रता के कारण व्यापार में हानि की संभावना सदा बनी रहती है।

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